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विदिशा में Re-NEET परीक्षा से चूके छात्र, गेट बंद होने के बाद प्रवेश से रोका गया

Madhya Pradesh मध्य प्रदेश : विदिशा जिले में रविवार को Re-NEET परीक्षा के दौरान एक भावुक स्थिति देखने को मिली, जब निर्धारित समय से देर से पहुंचे तीन छात्र परीक्षा में शामिल नहीं हो सके। परीक्षा केंद्र पर गेट बंद होने के बाद पहुंचे इन छात्रों को नियमों के तहत प्रवेश नहीं दिया गया।
विदिशा में स्थित परीक्षा केंद्र पर दोपहर के समय यह घटना हुई, जब छात्र समय सीमा से कुछ मिनट देर से पहुंचे। बताया जा रहा है कि दो प्रमुख उम्मीदवार—विदिशा की स्नेहा दुबे और कुरवाई की रागिनी विश्वकर्मा—दोपहर करीब 1:32 बजे परीक्षा केंद्र के गेट पर पहुंचीं, जो निर्धारित समय सीमा समाप्त होने के ठीक दो मिनट बाद था।
सुरक्षा कर्मियों ने परीक्षा नियमों का पालन करते हुए उन्हें अंदर जाने से रोक दिया। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि परीक्षा में प्रवेश केवल निर्धारित समय तक ही संभव था, और इसके बाद किसी भी छात्र को अनुमति नहीं दी जा सकती थी।
A heartbreaking scene from Vidisha, Madhya Pradesh. 💔 At the Girls' College Re-NEET examination centre, three students missed their chance to appear for the exam due to a slight delay, biometric issues, and an admit card mistake. Behind every aspirant stood parents carrying… pic.twitter.com/FpSfBsf8Nv
— Orugallu Adda (@OrugalluAdda) June 22, 2026
इस दौरान परीक्षा केंद्र के बाहर भावुक माहौल बन गया। मौके पर मौजूद वीडियो में दोनों छात्रों और उनके परिजनों अधिकारियों से हाथ जोड़कर उन्हें अंदर जाने देने की अपील करते दिखाई दिए। याचिकाकर्ता ने कई बार निवेदन किया कि छात्रों को परीक्षा में शामिल होने दिया जाए, लेकिन नियमों के कारण कोई छूट नहीं दी गई।
एक छात्र को यह कहते हुए सुना गया कि परीक्षा पहले ही एक बार रद्द हो चुकी है और यदि यह अवसर भी छूट गया तो उनका पूरा वर्ष बर्बाद हो जाएगा। यह बात वहां मौजूद लोगों को भावुक कर गई, लेकिन प्रशासन ने नियमों का हल देते हुए फैसले में कोई बदलाव नहीं किया।
परीक्षा केंद्र पर सुरक्षा और व्यवस्था के तहत कार्यवाही की गई थी, ताकि परीक्षा प्रक्रिया में किसी तरह की गड़बड़ी न हो। इसी कारण समय सीमा के बाद गेट पूरी तरह बंद कर दिया गया था।
घटना के बाद स्थानीय स्तर पर चर्चा तेज हो गई है और क्रियान्वयन के बीच परीक्षा नियमों को लेकर मिश्रित निष्कर्ष सामने आ रहे हैं। कुछ लोगों ने नियमों को जरूरी बताया, जबकि कुछ ने छात्रों के भविष्य को देखते हुए नरमी की मांग की है।
अस्पताल परीक्षा प्रक्रिया नियमों के अनुसार पूरी कर ली गई है और अधिकारियों का कहना है कि सभी केंद्रों पर समान नियम लागू किए गए थे, ताकि इंटर्नशिप और निष्पक्षता बनी रहे।





